अकबर बीरबल हिन्दी कहानी : पारस | akbar birbal hindi kahani paras

पारस अकबर बीरबल हिन्दी कहानी

पारस : अकबर बीरबल हिन्दी कहानी

अकबर बीरबल हिन्दी कहानी एक बार मुगल सम्राट अकबर ने अपने मंत्रियों से दुनिया की सबसे मूल्यवान चीज के बारे में पूछा। बीरबल को छोड़कर सभी मंत्रियों की राय और जवाब अलग-अलग थे। बीरबल ने कहा कि दुनिया में सबसे कीमती चीज़ हीरा है। उन्होंने आगे कहा कि जिस व्यक्ति के पास हीरा होता है उसे वह सब कुछ मिल सकता है जो वह चाहता है। अकबर बीरबल के जवाब से प्रभावित हुए और उन्हें इनाम दिया।

अकबर बीरबल हिन्दी कहानी : Hindi Story

अकबर बादशाह ने एक बार बीरबल के हाथों में पुराने जमाने की एक तलवार देखी। उचित देखभाल न होने के कारण उस तलवार में जगह-जगह जंग लगा था। अकबर बादशाह ने वह तलवार देखने के लिए मांगी। बीरबल ने तलवार बादशाह को दे दी। अकबर बादशाह ने तलवार को ध्यान से देखा, फिर बीरबल से बोले-‘‘यह तलवार तो अजायबघर में रखने के लायक है, पुराने हथियारों का टोटा-सा हो रहा है। क्या तुम इसे मुझे दे दोगे?’’

बीरबल ने नम्रतापूर्वक जवाब दिया-‘‘जहांपनाह! यह तो आप ही की दी हुई है तथा मेरे बाप-दादाओं की निशानी है। जैसे मेरे यहां थी, वैसे आपके यहां रहेगी। मुझे तो बड़ी प्रसन्नता है कि आप इसे अपने अजायबघर में स्थान दें, इससे बढ़कर मेरा सम्मान और क्या हो सकता है?’’

अकबर बादशाह बीरबल के वचनों को सुनकर बहुत खुश हुए। तलवार उनको वापस देते हुए बोले-’’इसे अपने यहां ही रखो।’’

बीरबल ने तलवार अकबर बादशाह के हाथों से अपने हाथ में ली और बोले-‘‘क्यों, बीरबल! क्या तलवार बदल गई? जिस ढंग से तुम इसे देख रहे हो, इससे मुझे शक हुआ।’’

बीरबल ने नम्रतापूर्वक जवाब दिया-‘‘जहांपनाह! मेरी तलवार नहीं बदली और यही मेरे संदेह का कारण। इसीलिए मैं उलट-पलट कर इसे देख रहा हूं।

वजह यह है कि मैंने सुना था कि पारस के छू जाने से लोहा सोने हो जाता है। किन्तु आपके पारसरूपी हाथों को छूकर भी यह लोहे की तलवार सोने की क्यों नहीं हुई? इसीलिए मैं इसे ध्यानपूर्वक देख रहा हूं कि शायद यह सोने की हो गई हो, पर शायद नजर में दोष होने के कारण आपके हाथों से छू जाने पर भी यह तलवार लोहे की ही दिखाई दे रही है।’’

अकबर बादशाह बीरबल की बातों से मुग्ध हो गए और उन्होंने कोषाध्यक्ष को आज्ञा दी कि तलवार के बराबर वजन का सोना बीरबल को प्रदान किया जाए। 

निष्कर्ष

पारस और अकबर की कहानी हम सभी के लिए एक बहुमूल्य सीख है। यह हमें अपने आस-पास की चीज़ों और लोगों को महत्व देना और ईमानदारी और कौशल की सराहना करना सिखाता है। यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि एक कुशल व्यक्ति सबसे साधारण चीज़ को भी मूल्यवान बना सकता है।


अकबर बीरबल हिन्दी कहानी : पारस | akbar birbal hindi kahani paras अकबर बीरबल हिन्दी कहानी :  पारस | akbar birbal hindi kahani paras Reviewed by Kahaniduniya.com on जून 23, 2023 Rating: 5

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